अ-आदिवासियों को ST सूची में शामिल करने की साजिश के खिलाफ UFAAO के आह्वान पर कोलकाता में ऐतिहासिक आदिवासी महाआंदोलन
कोलकाता –: अ-आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति (ST) सूची में शामिल करने की कथित साजिश के विरोध में तथा फर्जी (फेक) ST प्रमाणपत्र रद्द करने के लिए जांच आयोग गठित करने की मांग को लेकर कोलकाता के रानी रसमणि रोड पर आदिवासी समाज का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ ऑल आदिवासी ऑर्गनाइजेशन (UFAAO) के आह्वान पर आयोजित इस ऐतिहासिक समाबेश में हजारों आदिवासी लोगों ने भाग लिया, जिसमें महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
समाबेश से राज्यभर में आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे बलात्कार, हत्या और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने कहा कि आज आदिवासी महिलाएं सबसे अधिक असुरक्षा का शिकार हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इस अवसर पर 2006 के वनाधिकार कानून (Forest Rights Act) को तुरंत और पूर्ण रूप से लागू करने की जोरदार मांग उठाई गई। साथ ही आदिवासी बहुल क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़े छात्रावासों को फिर से खोलने, पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग की गई।
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य में एक संगठित गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अ-आदिवासियों को ST सूची में शामिल कराने की कोशिश कर रहा है, जिससे वास्तविक आदिवासी लोग आरक्षण और सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। इस साजिश को रोकने के लिए फर्जी ST प्रमाणपत्रों की पहचान कर उन्हें रद्द करने हेतु एक स्वतंत्र जांच आयोग के गठन की मांग की गई।
समाबेश में शामिल आदिवासी प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि आदिवासियों के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई जारी रहेगी और जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
Reviewed by Social Tribal News Journalist
on
January 06, 2026
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